Saturday, 21 April 2012

up tet ka yatharth

एक पढ़ा लिखा देश का सबसे युवा मुख्यमंत्री पता नहीं युवावों के भविष्य के साथ कैसा और क्यों आंख मिचौली खेल रहा है ?लोग नौकरी मांगने जातें है तो लाठिया मिलती हैं, आपके पास इनकी बात सुनने का समय नहीं है .उप का लोकतंत्र केवल मायावती जी और मुलायम सिंह जी के बदले की रजनीति है?कम से कम हमे तो ऐसा ही प्रतीत होता है .एक तरफ तो आप यह कहतें है कि आपके  मंत्रिमंडल में ज्यादा से ज्यादा युवा और वेल educated  यहाँ तक कि आईआईएम के प्रोफ.और IIT के लोग हैं .युआवों ने एक सरक!र से परेसान होकर  जिसके लिए युअवों क़ी बेरोजगारी प्राथमिकता नहीं थी उसकी रूचि तो केवल पत्थरों में थी ,आपमें विश्वास किया क़ि आप एक युवा हैं आप से बेहतर कौन समझ सकता है/पर यह क्या !आप इनके सबसे बड़े अहिकर साबित करने पर तुले हुयें है ऐसा क्यों ? क्या इन्होने टेट परीक्षा अच्छे अंकों से पास कर ली इसलिए और इसके आधार पर इनका चयन होने वाला था !कैसी बिडम्बना है आपकी सोच क़ी जो प्रतिभाशाली हैं जो समाज  को एक दिशा दे सकतें हैं वो आपको पसंद नहीं हैं ...एक बार भी आप सामने आकर कम से कम इतना तो कह देते क़ी आपक़ी  चयन प्रक्रिया पूरी क़ी जाएगी ! आपने लाठी मरने के बाद  एक कमेटी बनायीं जिसका एक मात्र यह चर्चा का विषय  है  टेट को  कसे  रद्द किया जाये .रद्द करने पर क्या परेशानी आएगी ?विज्ञापन रद्द करें या टेट को ही रद्दकर दें .इसमें कही भी उस्मानी साहेब को  टेट पास लोगो क़ी वेदनाओं का रंच्च मात्र भी ख्याल है .ठीक है आप जांच कीजिये जो दोषी हैं उनको कटघरे में खड़ा  कीजिये और इनके साथ अन्याय मत कीजिये नहीं तो लोगो का धर्य टूट रहा है और मार्क्स क़ी वो बात याद आती है............"आप हार से क्यों डरते हैं आपके पास  हारने के लिए बचा ही क्या है?जीतने के लिए समस्त समाज आपका इन्जार कर रहा है "'''''''''''''''''''     

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